Monday, 7 November 2016

मेवात चला विकास की ओर, स्वरोजगार बना विकल्प

आज हम आपको ले जा रहे नूह जिले में,जो इलाके ऐ मेवात का अहम हिस्सा है।मेवात,जो कभी शक्तिशाली राज्य हुआ करता था,बेहद विकसित और सम्रद्ध राज्य,लेकिन मुग़ल और अंग्रेजी सल्तनत के खिलाफ लगातार आवाज़ बुलंद करने का नुक्सान आज देश के सबसे पिछड़े इलाके की शक्ल में भुगत कर चुकाना पद रहा है।राजा हसन खान मेवाती,वीर सहादत खान मेवाती,की जमीन,1857 की क्रांति म राज्यें में सबसे
ज्यादा शहादत देने वाला क्षेत्र मुग़लो और अंग्रेजो से बिगाड़ के चलते घोर अँधेरे में आ गया।फिर गहरी चोट लगी 1947 में,जहाँ मुस्लिम होने के कारण बेहद जान माल का नुकसान उठाना पड़ा,लेकिन देश की मुहब्बत में गिरफ्तार मेवातियों ने देश छोड़ने से इंकार कर दिया,खुद महात्मा ग़ांधी ने कहा मेव देश की रीढ़ की हड्डी है,और सब  को आश्वाशन दिया के समान व्यबहार होगा,लेकिन उस समान अधिकारों और व्यवहारों की बात सिर्फ बात रह गयी।
देश के लिए बलिदानियों की जमीन ने खून बहुत बहाया,लेकिन 47के बाद की सभी सरकार ने भेदभाव किया,आज भी रेल,सड़क,शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार आदि से जूझ रहा है मेवात।मीडिया ने समाज के चन्द गलतं लोग,जो की हर जगह होते है,उनके आधार पे भी बहुत बदनाम किया।
लेकिन मेवात के नॉजवान अब जाग रहे है,और अब उन्होंने खुद ही इसकी सूरत बदलने की ठानी है।अब बदलाव की उम्मीद नॉजवानो के होंसले देख कर नज़र आती है।
आइये इसी कड़ी में मिलवाते है आपको मोहम्मद इरशाद से,गांव खानपुर घाटी,के रहने वाले है,उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया,और स्नातक की दूरस्थ शिक्षा से डिग्री भी हासिल की,नॉकरी की बहुत कोशिश की,नॉकरी न मिल पाने के बाद भी वो मायूस नही हुए,उन्होंने फिर अपना कुछ काम करने के बारे में सोचा,इरशाद खानपुर ने अपनी दुकान खोली,कूलर आदि की,बाजार की।डिमांड ने इन्हें प्रोत्साहित किया खुद निर्माण करने के लिए,और 1जनवरी2016 को अपने यहाँ काम करना शुरू कर दिया है।बेहतर क्वालिटी और सही कीमत के चलते स्थानीय ग्राहकों की वो पसन्द बनते जा रहे है।

इरशाद के भाई मोहम्मद शौकीन ने सचओनली को बताया के उनकी ख्वाहिश है के मेवात के शिक्षित और अशिक्षित दोनों हार न माने,सरकार पे उम्मीद न रख कर,अपना कोई भी व्यवसाय शुरू करे,क्षेत्र की बदहाली को दूर करने का एकमात्र उपाय जनता का जागरूक होना है।और खुद को कोई भी काम स्थापित करके क्षेत्र के विकास में भागीदारी निभाई जा सकती है।
इरशाद का अपना मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करके यूँ सफलता हासिल करना समाज के लिए अपने आप में एक मिसाल है और निश्चित रूप से समाज के युवाओं को ये प्रोतसाहन भी प्राप्त होगा ताकि वो कुछ कर सके और आगे बढ़ सके।
Sachonly इरशाद को बेहद मुबारकबाद देता है और आशा करता है,मेवात के अन्य नोजवान भी इस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
Sachonly से नदीम खान मामलीका  की ये रिपोर्ट,अगर आप भी कोई स्वरोजगार से जुड़ा काम जैसे बिस्कुट,बेकरी,नमकीन,चिप्स,साबुन,डिटर्जेंट आदि किसी भी तरह का की सलाह चाहते है तो आप नदीम खान मामलीका से 09813851451 राब्ता कायम कर सकते है।

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