Sunday, 30 October 2016

शक्ति विश्वास की

अक़ीदे की ताकत :

खुदा पर अकीदा (आस्था) इन्सान को इस दुनिया में सबसे बड़ा सहारा देता है। ख़ुदा पर अकीदा, विश्वास का सबसे बड़ा स्रोत है। यह दुनिया समस्याओं की दुनिया है। यहां हर औरत और मर्द को बार बार समस्यायें आती हैं। अक्सर ऐसी परिस्थितियां आती है कि जहां आदमी अपने आप को बेबस महसूस करने लगता है।

ज़िन्दगी के सफर में बार बार आदमी को एेसा महसूस होता है कि आगे का रास्ता बन्द है। बार बार इंसान इस तरह कि नकारात्मक भावनाओं से दो चार होता है कि उसके संसाधनों और सूत्रों की अंतिम सीमा आ गई , खुद अपने बल पर अब अपनी समस्या को हल करना नामुमकिन हो गया, आदि।

जिस आदमी का ख़ुदा में अक़ीदा न हो, वह एेसे मौके पर मायूसी का शिकार हो जाता है। वह आहत होकर बैठ जाता है। उसको महसूस होता है कि अब उसके अन्दर आगे बढ़ने की हिम्मत नही । एेसी हालत में पहुंच कर आदमी टेंशन में जीने लगता है, और टेंशन अपने आप में सारी बीमारीयों की जड़ है। हकीकत यह है कि टेंशन से ज़्यादा बड़ी कोई समस्या इन्सान के लिये नही।

लेकिन जिस आदमी को ख़ुदा के ऊपर सच्चा यक़ीन हो, वह कभी मायूसी का शिकार नही होता। उसको हर स्थिती में यह यकीन रहता है कि उसका ख़ुदा ज़रूर उसकी मदद करेगा ।

एेसा आदमी पूरे विश्वास के साथ यह समझता है कि उसका ख़ुदा ज़रूर उसकी डूबती हुई नाव को बचा लेगा, उसका ख़ुदा उस समय भी जरूर उसका साथ देगा जबकि दूसरे लोग उसका साथ छोड़ चुके हों ।

(उर्दू मैग्ज़ीन अलरिसाला : Nov. 2010) 

[ अनुवादक : फहीम मसूद किदवाई ]

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