कह रहे थे कि इस क**टुए को ’72 हूरों के पास भेजना है’- नजीब के दोस्त का बयान
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का एक छात्र नजीब अहमद 9 दिनों से लापता है। उसकी मां परेशान है भाई और बहनें भी बेहाल है। पूरा कैंपस में बैचेनी है, धरना प्रदर्शन और जांच बगैरा सब जारी है। पर अब तक न इस लापता छात्र नजीब मामले में कोई कामयाबी मिली है न कोई अहम सुराग।
लेकिन गायब होने की घटना से एक दिन पहले तक नजीब के साथ घटी दर्दनाक और बेरहमी के तमाम साक्ष्य और पर्याप्त सबूत सामने आ चुके है फिर भी पुलिस और कॉलेज प्रशासन हाथ पे हाथ धरे बैठा है। वह किस लिए भी इसका भी जवाब सबको मालूम है कि सत्ताधारी पार्टी के छात्र संगठन के छात्रों का नाम होने की वजह से इस केस पर सिर्फ लीपापोती की जा रही है।
नजीब के लापता होने से पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए इंटरनेशनल स्टटीज विभाग के रिसर्च छात्र साहिद रज़ा खान सामने आए। साहिद ने बताया कि, नजीब के गायब होने से एक रात पहले उसको 25-30 लड़के बड़ी बेरहमी से पीट रहे थे। उसको बुरी-बुरी मजहबी गालियां दे रहे थे। मैने सुना तो उसको बचाने के लिए आगे बढ़ा लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी ) का विक्रांत सिंह मेरे सामने मुझे नजीब की तरह ही पीटने की धमकी देने लगा।
मैनें देखा तो नजीब के मुंह से काफी खून निकल रहा था। ये लोग उसे मारते हुए बोल रहे थे कि इसे आज 72 हूरों के पास भेजना है। उनके ज़हन में काफी नफरत भरी थी। जिसे वह सब नजीब पर निकाल रहे थे। इस तरह उन्होंने उसे बहुत पीटा। (साहिद ने आईएएनएस को यह सब एक इंटरव्यू में बताया)
#Day9 : आवाजें आ रही थी कि इसे ’72 हूरों के पास भेजों’ उसका मुंह खून से लतपत था – नजीब के दोस्त का बयान
No comments:
Post a Comment