Sunday, 13 May 2018

मश्क़ वाले- मेवात की बाते


दिल्ली और मेवात के शक़्क़ा

मश्क़ वाला
हमारे मेवात में इन्हें शक़्क़ा या भिस्ती कहते है,आम तौर पर घूमते रहते थ,ेचमड़े के बने  थैले जिसे मश्क़ कहते थे उसमे पानी भरते थे,और राह चलतों को पिलाते थे,मुझे याद है,बचपन मे मैंने एक बार अपने गांव में देखा था,पुरानी दिल्ली अपना अस्तित्व खो चुकीं है,मेवात दिल्ली का रिश्ता बहुत पुराना रहा है।
युद्ध के मैदान में जब घायल सैनिको की मरहमपट्टी और उन्हें पानी पिलाना बिना किसी भेदभाव के ये मश्क़ वाले अपना धर्म समझते थे।
इंसान को पानी पिलाना इनका सदियों से चलता आ रहा फर्ज रहा है।
आज वक़्त बदल गया, बदलते वक्त के साथ,बदल गई,सूरत ए दिल्ली,वरना एक दिन वो भी था,की दिल मे बस्ती थी,पुरानी दिल्ली

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