मुझे ये तो बिल्कुल नही लगता कि आने वाला वक़्त सुकून भरा होगा । अलबत्ता इतना ज़रूर यकीन हो चला है कि हमने अभी तक जो ज़िन्दगी जी है वो बहुत जी पुरसुकून जी है । यहां से आगे अब ख़ैर की उम्मीद नही की जा सकती क्योंकि आने वाला वक़्त धर्माधिकारियों का होगा और फिर से धर्म के नाम पर ख़ूनरेज़ लड़ाईया लड़ी जाएंगी जिनका फ़िर एक बार नाम दिया जाएगा अधर्म पर धर्म की जय ।।
अमेरिका चढ़ आया है इस्राइल अपने मंसूबो मे कामयाब हो रहा है पूरी की पूरी अरब दुनिया तक़रीबन तबाही के दहाने पर खड़ी है बन्द मुट्ठी की तरह रहने वाले अरब मुल्क यमन सऊदी अरबिया क़तर मुत्ताहिदा अरब अमारात कुवैत ओमान बहरैन मे से पहले यमन को अलग किया और अब क़तर को बड़ी ही चालाकी से अलग करके पाबंदियां लगवा दी गयी हैं । अंजाम बहुत खतरनाक होने वाला है
यही हाल कमोबेश बर्रे सगीर का है अदना से मुल्क जहां रोटी के लाले पड़े हैं बर्मा । वहां से मुसलमानों को मज़हब के नाम पर खदेड़ दिया जाता हैं हज़ारो को क़त्ल कर दिया जाता हैं जला दिया जाता है श्रीलंका का भी यही हाल है पाकिस्तान मे हिन्दुओ पर ज़ुल्म होते हैं कश्मीर से पंडित को निकलने पर मजबूर कर दिया जाता है देश के बाकी हिस्सों मे भी गौ रक्षा के नाम पर खूनी तांडव किया जाता हैं वे सब धर्म मज़हब के नाम पर किया जा रहा हैं ।
उत्तर प्रदेश मे जाति के नाम पर लोगो को उजाड़ दिया जाता है किसानों पर गोलियां चलाई जाती हैं गरीब मज़दूर लोगो को बिना क़ुसूर जेलो मे डाल दिया जाता है
हिन्दोस्तान फ़िर एक बार महाभारत और रामायण के युद्ध की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रहा है नए नए मंसूबे और मिथ्य पर काम हो रहा है जो खतरनाक साबित होगा हर इंसान के लिए ।
कहीं इस्लाम के नाम पर क़त्ल ए आम है तो कहीं हिदुइज़्म के नाम पर । कहीं बोद्धिज़्म के नाम पर अनारकी फैली है तो कहीं यहूदियों ने नंगा नाच खेला हुवा है ईसाइयत भी क़त्ले आम मे पीछे नही तो दूसरे छोटे छोटे मज़ाहिब भी इसी राह पर चल निकले हैं
बस अब यही दुआ है कि मौला बाकी ज़िन्दगी भी अमन सुकून मे गुज़ार दे और रमज़ानुल मुबारक की बरकत से पूरी दुनिया मे अमन के फ़ैसले कर दे ।
मोहम्मद याहया सैफ़ी
No comments:
Post a Comment